हाई बीपी और शुगर कंट्रोल के लिए आयुर्वेदिक उपाय
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हाई बीपी (ब्लड प्रेशर) और शुगर (डायबिटीज) बहुत आम बीमारियां बन गई हैं। यह दोनों बीमारियां ऐसी हैं जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर देती हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो ये बड़ी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। हालांकि, आयुर्वेद में इन बीमारियों का समाधान प्राकृतिक तरीके से किया जा सकता है। इस लेख में हम जानेंगे हाई बीपी और शुगर को कंट्रोल करने के आयुर्वेदिक उपाय जो बिना साइड इफेक्ट्स के फायदेमंद हैं।
हाई बीपी क्या हैं
हाई बीपी यानी उच्च रक्तचाप वह स्थिति है जब रक्त का दबाव हमारी धमनियों पर सामान्य से अधिक होता है। इससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
हाई बीपी के कारण:
तनाव और चिंता
ज्यादा नमक का सेवन
मोटापा
शराब और धूम्रपान
नींद की कमी
शुगर (डायबिटीज) क्या है?
डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में इंसुलिन की कमी या उसका सही उपयोग न होने के कारण ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। यह भी एक साइलेंट किलर मानी जाती है।
शुगर के कारण:
गलत खानपान
जीवनशैली में आलस्य
मोटापा
अनुवांशिक कारण
1. त्रिफला का सेवन
त्रिफला तीन फलों – आंवला, हरड़ और बहेड़ा से मिलकर बना होता है। यह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है और पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है।
उपयोग:
रोज रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी से लें।
2. लहसुन (Garlic)
लहसुन ब्लड प्रेशर को नैचुरली कम करता है। इसमें एलिसिन नामक तत्व होता है जो रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है।
उपयोग:
सुबह खाली पेट 1-2 कच्ची लहसुन की कलियां चबाएं।
3. मेथी दाना
मेथी में फाइबर और अमीनो एसिड होते हैं जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं और इंसुलिन की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं।
उपयोग:
रात को एक चम्मच मेथी दाना पानी में भिगो दें। सुबह खाली पेट इसे चबाकर पानी पी लें।
4. आंवला
आंवला विटामिन C से भरपूर होता है और यह रक्त शुद्धिकरण में मदद करता है। यह बीपी और शुगर दोनों में फायदेमंद होता है।
उपयोग:
रोज सुबह एक चम्मच आंवला जूस शहद के साथ लें।
5. गिलोय
गिलोय एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो शरीर की इम्युनिटी बढ़ाती है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखती है।
उपयोग:
गिलोय की ताजी डंडी को उबालकर उसका काढ़ा बनाएं और रोज सुबह पिएं।
6. अर्जुन की छाल
अर्जुन की छाल हृदय के लिए बहुत फायदेमंद है। यह ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखती है और दिल की धमनियों को मजबूत करती है।
उपयोग:
अर्जुन छाल का पाउडर आधा चम्मच सुबह-शाम पानी के साथ लें या इसका काढ़ा बनाकर पिएं।
7. दालचीनी
दालचीनी शुगर को नेचुरली कंट्रोल करने के लिए प्रसिद्ध है। यह शरीर में ग्लूकोज के स्तर को संतुलित करती है।
उपयोग:
चाय या गर्म पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर रोज पिएं।
8. योग और प्राणायाम
योग और प्राणायाम हाई बीपी और शुगर दोनों के लिए बेहद जरूरी हैं। ये शरीर और मन को शांत रखते हैं और रक्त संचार को सुधारते हैं।
लाभकारी योगासन:
अनुलोम विलोम
भ्रामरी प्राणायाम
शवासन
वज्रासन
ताड़ासन
दिनचर्या और खानपान में सुधार
1. नमक और चीनी का सेवन कम करें।
2. ज्यादा से ज्यादा फाइबर युक्त भोजन करें जैसे सब्जियां, फल, जौ, ओट्स।
3. रोज 30 मिनट टहलने या व्यायाम की आदत डालें।
4. तनाव कम करने की कोशिश करें, मेडिटेशन करें।
5. नींद पूरी लें (कम से कम 6-7 घंटे)।
6. धूम्रपान और शराब से बचें।
निष्कर्ष
हाई बीपी और शुगर आजकल आम समस्याएं हैं, लेकिन समय रहते अगर आप अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं और आयुर्वेदिक उपाय अपनाएं, तो इन्हें काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। आयुर्वेद प्राकृतिक तरीके से शरीर को संतुलन में लाने का काम करता है और इसके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते।
ध्यान दें: अगर आपकी स्थिति गंभीर है या दवाइयों पर हैं, तो इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
